Thursday, April 27, 2017

कौन हमें बतलाएगा

कौन है चांपू, कौन है तेलू?
कैसे समझ में आएगा,
क्या है हकीक़त, क्या अफ़साना,
कौन हमें बतलाएगा|

इश्क-ए-जूनून की रंज से परेशां,
हमने तो इकरार किया,
उनके दिल की धड़कन को तो,
कोई वाईज़ ही सुन पायेगा|

फ़लसफ़े कितने पढ़ डाले,
मौज-ओ-सुकून की तलाश में,
खुद को पढ़ लो यार यदि,
राज़ जीवन का खुल जायेगा|

तिश्नगी मुझे भी है यारों,
दौलत की और शोहरत की,
दिल में चैन गर फिर भी रहा न,
किस काम मेरे वो आएगा|

जीवन की लम्बी राह में,
पग पग पर कांटे बिखरे हैं,
तुम ही बताओ ऐ मौला,
एक इंसा अकेला कैसे लड़ पायेगा?|

अरदास मेरी तुमसे ऐ खुदा,
कबूल मेरी ये दुआ करो,
देना न किसी को दर्द-ए-मोहब्बत,
दीवाना बन मर जायेगा|

शब्दार्थ:  चांपू = Slang for ‘someone smart’, तेलू = Slang for ‘someone lackadaisical’, अफ़साना = Story, इश्क-ए-जूनून = Crazy love, रंज = Pain, इकरार = Agree/Accept, वाईज़ = Preacher/Wise person, फलसफा = Philosophy, मौज-ओ-सुकून = Peace & joy, तिश्नगी = Thirst

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Based on a work at chaitanya-insearch.blogspot.com.