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Wednesday, September 25, 2024

उपाय

 

कैसे जईबा बबुआ रेलिया से बम्बैया,

टरेनवा पलिटाई जाई ना,

कहें जावत नाही बसवा पे लदाई के,

सड़कियो धँसी जाई कहीं का|

 

कहियों रोज़गार नाही, कैसे कमईबा,

बिना परदेश गईले, घर कैसे चलईबा,

घर में पत्नी रोये, दुवारे महतारी,

उपाय कौनो बुझईते नाही बा|

 

धर्म, जाति, भाषा भेद, पर बटी गईला,

गुंडा, बाहुबली के, आदर्श बनउला,

भटकत, व्यर्थ कईला आपन जवानी,

सुराजिया ऐसे कईसे आई ना|

 

केहू के भरोसा नाही, स्वयं ही विचारा,

नव-उद्योग, व्यापार, अधुना पालनहारा,

चहुमुखी विकास के बनाला धर्म-ध्येय,

किस्मतिया चमकाई जाई ना|

 

एक-एक ईंटा से बनेला भवनवा,

सतत प्रयास करिहा, हार नाही मनिहा,

बनि जा स्वच्छ, स्वस्थ, सजग, स्वावलम्बी,

सर्वत्र मंगल होई जाई ना|

 

तजि दा जाति, धर्म के संकीर्ण विभाजन,

प्रगति-पथ प्रशस्त होईहे ना,

बरसी प्रीति-पुष्प तोहरे अंगनवा,

सुदृढ़, सुरक्षित भविष्य होई ना|

Sunday, June 18, 2017

खुशबू

तेरी यादों का झोंका आया,
खुशबू है तेरी साथ लाया,
अरमां हैं उठे फिर दिल में,  
तूने जादू ये कैसा कर डाला?
बयाँ मैं कैसे करूँ तुझसे, अपना हाल-ए-दिल,
हर एक चेहरे में दीखता तेरा ही चेहरा है|

अधूरा मिलना था अपना, अधूरी बातें थीं,
कशमकश से भरी, वो मुलाकातें थीं,
जो सब कुछ कहना था, अब कैसे कहूं?
दिल की धड़कन को, तेरी मैं कैसे सुनूं?
ऐ मुक़द्दर! बता आखिर तेरी रज़ा क्या है?
मोहब्बत करने की ऐसी भी ये सजा क्यूँ है?

भरोसा है वक़्त पर, फिर मिलन होगा,
गुफ्तगू नज़रों से होगी, किस्सा-ए-दिल होगा,
एक हो जायेंगे ऐसे कि फिर न बिछड़ेंगे,
इश्क के इस सफ़र का ये हसीं इंतिहा होगा,
ऐ रब! तुझे है सब खबर, रहम कर, तू करम कर,
सहर कर शब्-ए-हिज़्रा की, अब और न बेसब्र कर|

Thursday, May 25, 2017

सहारा

लडखडाओ तुम कभी, जब ठोकरों की चोट से,
और करीब कोई सहारा न हो,
संभल जाना ये जानके, मैं साथ हूँ तुम्हारे|

(Ch:
  साये की तरह हर पल, साथ हूँ तुम्हारे,
   सांसों में, दिल की धड़कन में, साथ हूँ तुम्हारे)

टूटने लगे जब सपने, हकीकत की ज़मीं पर,
और नए सपने देखने से, लगता हो डर,
बिखर न जाना तुम, सपना हो तुम मेरे|
(Ch:
  आँखों में छिपे सपने की तरह, साथ हूँ तुम्हारे,
  ऋतु ग़म की हो या बहार की,साथ हूँ तुम्हारे)

औरों को देख आबाद, घर अपना लगे बर्बाद,
और हताश कोशिशों से, जीना लगता हो बेमानी,
समझ लेना सब कुछ है, जो साथ हूँ मैं तुम्हारे|
(Ch:
  हर चाह में, हर आह में, साथ हूँ तुम्हारे,
  हर जीत में, हर हार में, साथ हूँ तुम्हारे)

हौसलों की भर उड़ान, छू लो मंज़िल-दर-मंज़िल,
और हासिल पे तुम्हारे, कभी लगे जो लगाम,
राह का काँटा समझ, चलते जाना-रुकना नहीं,
मेरी दुआएं हैं, सदा साथ तुम्हारे|
(Ch:
  हर सज्दे में, हर मन्नत में, मौज़ूद हो तुम,
  हर जंग में, हर जश्न में,साथ हूँ तुम्हारे)

कुछ नया करने की चाह हो, रास्ते अनजान हों,
और साथ न हो कोई,
तन्हा ही चल पड़ना, साथ हूँ हर सफ़र तुम्हारे|
(Ch:
  हर राह में, हर मोड़ पर-साथ हूँ तुम्हारे,
  हर सोच में, हर खोज में, साथ हूँ तुम्हारे)

संभल जाना ये जानके, मैं साथ हूँ तुम्हारे|
समझ लेना सब कुछ है, जो साथ हूँ मैं तुम्हारे|
बिखर न जाना तुम, सपना हो तुम मेरे|

Monday, May 8, 2017

'इश्क़-ए-ज़ुनून'

रह रह तड़पाता है, नज़र नहीं आता है,
बेवजह होता है, चैन फिर खोता है,
हसरतें तूफानी, ज़ुस्तज़ु अनजानी,
सीने में दर्द, आँखों में इश्क़,
जुनून--इश्क़,
क़ातिल--इश्क़,
गुनाह--इश्क़,
नसीहत इश्क़

ख्वाब जो देखे थे, कभी क्या सच होंगे?
वक़्त जो ठहरा है, कभी क्या पिघलेगा?
क़रार पक्का है, दिल ये सच्चा है,
रूह की आवाज़ उन तलक पहुंचेगी कैसे?
कोशिश--इश्क़,
गुज़ारिश इश्क़,
सितमगर इश्क़,
मरहम भी इश्क़

आग ये ऐसी है, अंदर सुलगती है,
हवा ये कैसी है, खुलके बहती है,
वो कैसा मंज़र था, चाहत में लुट बैठे?
मज़बूर दिल है अब, ये हम क्या कर बैठे?
बियाबान इश्क़,
जहन्नुम इश्क़,
तरन्नुम इश्क़,
ज़न्नत--इश्क़

कशमकश हर पल है, अंजाम क्या होगा?
आशिकी इब्तिदा है, इंतिहा क्या होगा?
माशूक़ रूठा है, इश्क़ फिर झूठा है,
छिपा जो प्यार दिलों में, उसे जगाये कौन?
राज़ है इश्क़,
मकाँ है इश्क़,
बहस है इश्क़,
फैसला इश्क़


Saturday, July 30, 2016

न जाने क्या ढूंढता हूँ मैं

न जाने क्या ढूंढता हूँ मैं,
एहसास दर्द का, या दिल का सुकून?
सांसों की धड़कन, या जीने की वजह?
फिज़ा है मायूस, हवा है खामोश,
तेरे बिन सब है सूना,
साथिया तू है कहाँ?

कोई मंजिल अब नहीं, रास्ते हैं अंजान,
कोई हसरत अब नहीं, हौसलें हैं पशेमान,
एक टीस सी है बस, चीरती रहती मुझे,
तेरी तलाश है हर पल, हर पल तेरी तलाश,
तेरे बिन सब है सूना,
साथिया तू है कहाँ?

तुम ही थे मेरी दौलत, तुम से  रौशन मेरा ज़हां,
वादा था जुदा न होंगे, क्यूँ कर गए यूँ तन्हा,
खुदा भी मिल जाये, तो अब चैन न मिले,
ओ मेरी खुदा!, सुन मेरी रूह की सदा,
तेरे बिन सब है सूना,
साथिया तू है कहाँ?

अश्क भी नहीं बहते, जम सा गया है दर्द,
हर इलाज़ बे-असर है, जाने कैसा है ये मर्ज़,
तुम्हे भूलना कितना भी चाहा, ये कोशिश है नाकाम,
मौत जब तक आती नहीं, अब ज़िन्दगी तेरे नाम,
तेरे बिन सब है सूना,
साथिया तू है कहाँ?

Wednesday, March 4, 2015

होली का दिन आया

मुस्कराते फूल हैं, पत्तियां हरी हरी,
मचली है हवा भी, मस्त मस्त चली चली,
खिली खिली धूप में, निकले हैं लोग देखो,
रंग-रूप-गंध से फिज़ां भी है भरी भरी,
मधुर सरस गान लिए, ढोलक की तान लिए,
आया आया, होली का दिन आया|

नफरत जो मन में है, आज उसे फेंक दो,
डर के छिपे असुर की, होलिका जला दो,
अच्छा हो या बुरा, मिलो सबसे खुलकर,
किसने था क्या कहा, सोच ये निकाल दो,
चलो मन में विश्वास लिए, जोश और यकीन से,
आया आया, होली का दिन आया|

हसरतों के कैद पंछियों को आज उड़ा दो,
चाहत की नदिया को आज रोकना नहीं,
प्रेम की मदिरा पिए, आशिकी के रंग को,
लगा दे उनके गालों पे, सजा दो उनके आँचल को,
प्यार भरे दिल मिले, रंगों में रंग भरे,
आया आया, होली का दिन आया|

नयी बहार लेके, नयी पुकार लेके,
आया आया, होली का दिन आया|

उमंग-तरंग लिए, मस्ती की मिठास भरा,

आया आया, होली का दिन आया|

Thursday, February 19, 2015

शिव-स्तुति


हे शंकर, हे आशुतोष,
भाव बाधा मेरी दूर करो|
कितना भ्रम है, कितनी माया,
दंभ,लोभ के कंट-जाल से,
व्याकुल मन है, शिथिल है काया,
ज्ञान दीप की ज्योति जलाकर,
ह्रदय-कलुष का नाश करो,
नमामि शिव, हे रुद्रेश्वर,
त्वम् शरने, अभयं कुरूम|
कितना संशय, कितनी असूया,
स्वार्थ भाव की अंधमता से,
संबंध विभाजित, मिलन अधूरा, 
प्रेम-सरित के सलिल प्रवाह से,
प्यासे मन को सिक्त करो,
नमामि शम्भू, हे गंगाधर,
त्वम् शरने, प्रमुदित कुरूम|

कितने स्वप्न, कितनी इच्छायें,
लक्ष्य की गुरुता से हतप्रभ, 
कर्तव्य अनिश्चित, दुर्गम पथ है,
दृढ़ निश्चय के अजस्त्र स्रोत से,
विजयी-पथ प्रशस्त करो,
नमामि पशुपति, हे नीलकंठ,
त्वम् शरने, धीरम कुरूम|

हे शंकर, हे आशुतोष,
भाव बाधा मेरी दूर करो|

Friday, January 30, 2015

कैसे कहूं क्या करार है?

कैसे कहूं क्या करार है?
न जाने क्यूँ तेरा इंतज़ार है,
डर लगता है तुझे खो न दूं,
मेरी बेबसी है ये,
या तेरा प्यार है?

समझना चाहा चाहत को,
मोहब्बत चीज़ है क्या?
होती है क्यूँ?
बिखरा बिखरा सा लगता है सब,
शोर भरा सन्नाटा और,
खोया खोया सा मैं,
ये है आशिकी का जूनून,
या तेरा प्यार है?

दिल में एक खलिश सी,
ये ख़ामोशी, ये दूरी,
तुझ बिन चैन नहीं,
मिलना गर दुश्वार है,
तेरी शोखी, तेरी हंसी, तेरी शरारतें,
तू है मेरी दुनिया, तू मुझमें बसी,
तू है तो वजूद मेरा,
ये मदहोशी है मेरी,
या तेरा प्यार है?

न जाने क्यूँ तेरा इंतज़ार है,
मेरी बेबसी है ये,
या तेरा प्यार है?
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